उत्तराखंड

रतूड़ा में स्टेट गेस्ट हाउस और ज्योतिर्मठ में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग का संशोधित प्रस्ताव तलब

सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति ने दोनों परियोजनाओं की समीक्षा की

देहरादून। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में दो अहम परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। रुद्रप्रयाग जनपद के रतूड़ा गांव में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह तथा चमोली जिले के ज्योतिर्मठ के रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश जारी किए गए। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाएं और आवश्यक सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करें।

बैठक में रुद्रप्रयाग जनपद के ग्राम रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विचार-विमर्श किया गया। करीब 34.29 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना को मुख्यमंत्री घोषणा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान सचिव राज्य संपत्ति डॉ. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए । उन्होंने कहा कि अतिथि गृह में 20 आधुनिक कक्षों के साथ दो वीवीआईपी सुइट और आवश्यक घरेलू सुविधाओं का समुचित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा परियोजना को अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक संशोधन किए जाएं। बैठक में विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर तत्काल प्रस्तुत करने तथा सभी आवश्यक सुविधाओं को शामिल करते हुए संशोधित आगणन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
रतूड़ा क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त राज्य अतिथि गृह बनने से केदारनाथ यात्रा मार्ग और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों तथा पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
दूसरी बैठक में चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की समीक्षा की गई। बैठक में कहा गया कि ज्योतिर्मठ और औली क्षेत्र में यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए लगभग 5.69 करोड़ रुपये लागत से मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना के तहत लोअर ग्राउंड स्तर पर 51 तथा ग्राउंड फ्लोर पर 46 वाहनों की पार्किंग प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 97 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। पार्किंग परिसर तक पहुंचने के लिए सात मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित किया गया है। चयनित भूमि राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन है तथा उसे जिला विकास प्राधिकरण के पक्ष में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।
परियोजना पर विस्तृत चर्चा के बाद सचिव आवास विभाग डॉ. राजेश कुमार ने पार्किंग परिसर तक पहुंचने वाले मार्ग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्ग की चौड़ाई एक से दो मीटर तक बढ़ाने और प्रवेश तथा निकास मार्गों को अलग-अलग करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था विकसित करने को कहा। ताकि यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से हो सके। साथ ही जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि चयनित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी कर शासन को अवगत कराया जाए।
सचिव आवास एंव राज्य संपत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं को उत्तराखण्ड में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप शासन इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।

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