उत्तराखंड

यूकॉस्ट में “सेवेरल कॉम्प्लेक्स वैरिएबल्स” पर पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

यूकॉस्ट के DG प्रो. दुर्गेश पंत ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए आयोजकों और प्रतिभागियों को दी बधाई

देहरादून। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), देहरादून द्वारा नेशनल बोर्ड फॉर हायर मैथमेटिक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय “अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला सेवेरल कॉम्प्लेक्स वैरिएबल्स” का आज समापन हुआ। यह कार्यशाला 15 से 19 दिसंबर, 2025 तक यूकॉस्ट में आयोजित की गई।

समापन समारोह के अवसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो सन्देश के जरिये कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों को शुभकामनएं प्रेषित की। धामी ने कहा कि गणितीय विश्लेषण के आधुनिक क्षेत्र पर केंद्रित इस कार्यशाला से देश और विदेश के अग्रणी शोधकर्ताओं तथा युवा वैज्ञानिको को आकादमिक संवाद का एक बेहतर अवसर प्राप्त हुआ होगा। उन्होंने कहा कि यह अंतराष्ट्रीय आयोजन उत्तराखण्ड के युवाओ को नयी दिशा देने के साथ साथ उत्तराखण्ड को एक उन्नत वैज्ञानिक अनुशंधान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने कि दिशा में यूकॉस्ट की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगा. उत्तराखण्ड की धरती में प्रतिभा कि कोई कमी नहीं है तथा यह कार्यशाला से राज्य में गणितीय शिक्षा के विकास में निर्णायक सिद्ध होगी और भविष्य में गणितीय प्रतिभाओ को मंच देने के लिए एक ठोस नीति बनाने में सहायक होगी।

समापन अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला न केवल उच्च स्तरीय अकादमिक विमर्श का सशक्त मंच बनी, बल्कि इसने युवा शोधकर्ताओं को वैश्विक विशेषज्ञों से सीधे संवाद एवं सीखने का अवसर भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सेवेरल कॉम्प्लेक्स वैरिएबल्स जैसे उन्नत विषयों पर इस प्रकार के आयोजन उत्तराखंड को उच्च स्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रो. पंत ने कार्यशाला के सफल आयोजन हेतु सभी वक्ताओं, आयोजकों एवं प्रतिभागियों को बधाई दी।

कार्यशाला के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर के मिनी-कोर्स एवं आमंत्रित व्याख्यानों के माध्यम से सेवेरल कॉम्प्लेक्स वैरिएबल्स के सैद्धांतिक एवं अनुप्रयुक्त पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों एवं युवा शोधार्थियों के लिए एक विशेष सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. गोपाल दत्त द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। इस सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को शोध की दिशा, समकालीन चुनौतियों तथा अंतरराष्ट्रीय अवसरों के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसे प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया।

इस अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का संयोजन डॉ. गोपाल दत्त (बी.बी.ए.यू., लखनऊ), डॉ. संजय कुमार पंत (दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. विक्रमजीत सिंह चंदेल (आई.आई.टी. कानपुर) एवं डॉ. राजेंद्र सिंह राणा द्वारा किया गया। जापान, आयरलैंड, इटली, तुर्किये तथा भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों की सहभागिता ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई।

कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि इस पाँच दिवसीय कार्यक्रम में देश एवं विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से 60 से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला ज्ञान-विनिमय, शोध सहयोग और दीर्घकालिक अकादमिक नेटवर्किंग की दृष्टि से अत्यंत सफल रही।

समापन अवसर पर मुख्य रूप से यू कास्ट के संयुक्त निदेशक डॉ डीपी उनियाल, आई आई एस सी बैंगलोर के प्रोफेसर गौतम भराली, टोक्यो से प्रोफेसर याशुका तिब्बा, दिनेश चंद्र अमित, अमित पोखरियाल, डॉ पीयूष गोयल, डॉ ओमप्रकाश नौटियाल, डॉ भवतोष शर्मा, डॉ मंजू सुंदरियाल, संतोष रावत, रमेश रावत , गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे l

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