कांग्रेस ने राज्य की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, पुलिस मुख्यालय घेरा
आए दिन हो रही हत्याओं की घटनाओं पर लगाम नहीं लगी तो कांग्रेस करेगी उग्र आन्दोलन

देहरादून। राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह एवं चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत के नेतृत्व में पुलिस मुख्यालय का घेराव किया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि राज्य की कानून व्यवस्था पटरी पर नहीं आई तथा आए दिन हो रही हत्याओं पर लगाम नहीं लगा तो कांग्रेस उग्र आन्दोलन को मजबूर होगी।
पुलिस मुख्यालय घेराव के बाद पुलिस महानिदेशक को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने कहा कि विगत कुछ समय से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित विभिन्न जनपदों में दिनदहाड़े हत्या एवं गंभीर आपराधिक घटनाओं से आमजन में भय, असुरक्षा एवं चिंता का वातावरण व्याप्त है। उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय एवं देवभूमि कहे जाने वाले राज्य की राजधानी एवं अन्य महानगरों में हाल के दिनों में दिनदहाड़े घटित हुई हत्याकांड की घटनाओं ने समूचे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। राज्य की कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा चुकी है तथा अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है। विगत 15 दिन के अन्दर राजधानी देहरादून सहित विभिन्न जिलों में दिनदहाड़े 5 हत्याकांड की घटनायें इसका प्रमाण है। पुलिस की नाक के नीचे हुए इन हत्याकांड की घटनाओं में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है जो कि गम्भीर चिन्ता का विषय है। यदि राज्य की कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए समय रहते कठोर एवं ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इससे सामाजिक अस्थिरता एवं जनविश्वास में गंभीर गिरावट की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुलिस प्रशासन से राज्यभर में घटित हत्याकांड की घटनाओं पर ठोस परिणामों की अपेक्षा करते हुए मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी संवेदनशील एवं अपराध-प्रवण क्षेत्रों में विशेष पुलिस अभियान चलाया जाए। संगठित अपराध एवं हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के विरुद्ध कठोरतम दमनात्मक कार्यवाही की जाए। प्रत्येक गंभीर आपराधिक घटना की समयबद्ध एवं उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए। पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय कर लापरवाही पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। आमजन में सुरक्षा की भावना स्थापित करने हेतु दृश्यमान एवं प्रभावी कदम तत्काल उठाए जाएं।
पुलिस मुख्यालय घेराव में विधायक लखपत सिंह बुटोला, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, जिला पंचायत अध्यक्ष सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, शूरवीर सिंह सजवाण, पूर्व विधायक मनोज रावत, राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, राजीव महर्षि, गोदावरी थापली, जयेन्द्र रमोला, पूरन सिंह रावत, मुरली मनोहर, नवीन जोशी, सुरेन्द्र रांगड़, डॉ. प्रतिमा सिंह, अभिनव थापर, गरिमा दसौनी, राजेश चमोली, सुजाता पॉल, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, महानगर अध्यक्ष हरिद्वार अमन गर्ग, राकेश सिंह मिया, अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल, विरेन्द्र रावत, प्रभुलाल बहुगुणा, गौरव चैधरी, विरेन्द्र पोखरियाल, अमरजीत सिंह, शिवानी थपलियाल मिश्रा, नरेशानन्द नौटियाल, रॉबिन त्यागी, महेन्द्र सिंह नेगी, अर्जुन सोनकर, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, विनोद चौहान, मानवेन्द्र सिह, टीकाराम पाण्डेय, टीटू त्यागी, सुमेन्द्र बोरा, अश्विनी बहुगुणा, अमेन्द्र बिष्ट, यशपाल चौहान, ओमप्रकाश सती, शीशपाल बिष्ट, संदीप चमोली, प्रदीप जोशी, संजय शर्मा, जगदीश धीमान, नीनू सहगल, प्रशांत खंडूरी, सावित्री थापा, ऐतात खान, महेश प्रताप राणा, कर्नल रामरतन सिंह नेगी, हेमा पुरोहित,ललित भद्री, उर्मिला थापा, प्रणीता बडोनी, रीता पुष्पवाण, मोहन काला, विजयपाल रावत, देवेन्द्र सिंह, कविन्द्र इष्टवाल, सुरेन्द्र रावत, गोपाल गडिया, मोहन खत्री, आशा मनोरमा शर्मा, सुनित सिंह राठौर, मोहन काला, पुष्पा पंवार, निधि नेगी, अनिल नेगी, सुलेमान अली, राजकुमार जायसवाल, अनुराधा तिवाडी, विरेन्द्र पंवार, भगवती प्रसाद सेमवाल, सोहन लाल रतूडी, गिरिराज हिंदवान, शीशपाल बिष्ट, प्रीतम आर्य, विजय प्रताप मल्ल, आशीश उनियाल, श्याम सिंह चौहान, विजय चौहान, प्रदीप जोशी, संजय कनौजिया, विकास नेगी, सुनील जायसवाल, जितेन्द्र बिष्ट, अनिल बसनेत, अनिल नेगी, दीप बोहरा, स्वाति नेगी, अरूणा कुमार, गुल मोहम्मद, विनीत प्रसाद भट्ट, बलवीर पंवार, सूरज क्षेत्री, महेश जोशी, नितिन बिष्ट, मदन कोली, हिमांशु बहुगुणा, दिनेश कौशल, रितेश क्षेत्री, महेश जोशी, प्रशांत खंडूरी, मनमोहन शर्मा, मंजू चौहान, विजय सिंह गुसांई, अरूण बलोनी, सचिन टिचकुले आदि सैकड़ों कांग्रेस कार्यकता शामिल थे।



