स्वास्थ्य

बालगंगा और भिलंगना घाटी की स्वास्थ्य सेवाओं में होगा सुुधार

मुख्यमंत्री ने आंदालनकारियों को दिया आश्वासन, पिलखी पीएचसी सीएचसी में उच्चीकृत, 36 पद सृजित

  • बेलेश्वर और पिलखी चिकित्सालयों की बदहाली को लेकर क्षेत्र में आक्रोश

प्रदीप बहुगुणा, देहरादून
बालगंगा और भिलंगना घाटी की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रमबद्ध ढंग से सुुधार किया जाएगा। यह आश्वासन मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी ने अपने आवास पर उनसे मिलने आए एक प्रतिनिधिमंडल कोे दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। क्षेत्र की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और पिलखी स्वास्थ्य केंद्र को चरणबद्ध तरीके से उन्नत किया जाएगा। आवश्यक पदों की तैनाती, भवन सुधार एवं चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बेलेश्वर अस्पताल की हालत सुधारने का भी आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया ।

क्षे़़त्र के लोग बेलेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को उप जिला चिकित्सालय में उच्चीकृत कर वहां समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात करने की भी मांग कर रहे हैं। 24 साल पुरानी इस सीएचसी में चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मरीजों के हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है और कई गंभीर मरीज रास्तें में ही दम तोड़ देते हैं। यही हाल पीएचसी पिलखी का भी है।
उल्लेखनीय है कि बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर क्षेत्र के लोग पिछले सात हफ्तों से पिलखी में आंदोलन कर रहे हैं। चिकित्सा सुविधा के अभाव में इलाके की एक के बाद एक तीन गर्भवती महिलाओं ने दम तोड़ दिया था जिससे क्षेत्र में जबर्दस्त आक्रोश है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिलखी टाइप बी को 30 शैय्यायुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) के रूप में उच्चीकृत किया गया है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस उच्चीकरण के साथ, वहां कुल 36 पदों (26 नियमित ़ 10 आउटसोर्सिंग) का सृजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे इलाके की स्वास्थ्य सेवाएं बंेहतर होंगी और इससे क्षेत्र की जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को उसी स्तर पर विकसित किया जाए, जैसा मैदानों में उपलब्ध है।

पिलखी क्षेत्र के लिए 30 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्वीकृति वहाँ के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगी। पदों का सृजन स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार ‘हर घर स्वास्थ्य, हर व्यक्ति स्वस्थ’ के संकल्प के साथ तेजी से काम कर रही है। पिलखी पीएचसी को सीएचसी बनाने से वहां के लोगों को निकट भविष्य में बेहतर चिकित्सा ढाँचे का लाभ मिलेगा।”

प्रतिनिधिमंडल में घनसाली स्वास्थ्य जन संघर्ष मोर्चा संयोजक अजय कंसवाल, संदीप आर्य, अनुज लाल शाह, विनोद लाल शाह, हर्षमणि उनियाल, बालगंगा सेवानिवृत्त एव वरिष्ठ नागरिक समिति के महामंत्री उम्मेद सिंह चैहान, सुनीता रावत आदि उपस्थित रहे।

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