उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित केदार घाटी का किया हवाई सर्वेक्षण

जखन्याली गांव में भी पहुंचे धामी, पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस

रुद्रप्रयाग।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारघाटी में बुधवार रात्रि को हुई अत्यधिक बारिश के कारण अतिवृष्टि से हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने पहुचें। मुख्यमंत्री हैली के माध्यम से शेरसी हैलीपैड़ पहुंचे। जहां से जिलाधिकारी उनके साथ हेलिकॉप्टर में बैठे एवं आपदा व रेस्क्यू की जानकारी देते हुए लिंचोली आपातकालीन हैलीपैड पर पहुंचे।

यहां मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू के लिए इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। श्रद्धालुओं से बातचीत करते हुए उन्होंने जिलाधिकारी को जल्द से जल्द सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित रेस्क्यू करने। फूड पैकेट्स एवं पानी वितरण करने सहित फर्स्ट एड व चिकित्सा सुविधाओं का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। उनके द्वारा अत्यधिक बारिश से क्षतिग्रस्त केदारघाटी के स्थानों का हवाई सर्वेक्षण भी किया गया।

हवाई सर्वेक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षतिग्रस्त पैदल मार्गों का सुधारीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण जो भी लोग संवेदनशील स्थानों में फंसे हुए हैं उन्हें निकालने का कार्य लगातार गतिमान है। बताया कि अभी तक काफी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचा दिया गया है तथा सभी पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा सुचारू ढंग से संचालित हो रही है तथा मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम के अनुसार ही यात्रा संचालित करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से बहे पुल व क्षतिग्रस्त मार्गों को बनाने की कार्यवाही भी गतिमान है। मौसम के सामान्य होते ही यात्रा निर्बाध रूप से संचालित कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के साथ केदार घाटी के प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने केदारघाटी में तैनात रेस्क्यू टीमों की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के बाद आज प्रातः 7 बजे से रेस्क्यू टीम लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं। साथ ही उनके द्वारा यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व संबंधित अधिकारी हैली के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना में प्रभावितों को मुख्यमंत्री द्वारा हरसंभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने बताया कि पानी का वेग बढ़ने के साथ ही हर संभावित घटना से राहत हेतु सरकार व जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दोपहर एक बजे तक लगभग 300 यात्रियों को निकाला जा चुका है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों, रेस्क्यू की टीमों एवं हैली पायलटों की प्रशंसा की है।

जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने कहा कि प्रशासन सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम यात्रा के लिए प्रतिबद्ध है। भूस्खलन के चलते विभिन्न स्थानों पर बाधित मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। क्षतिग्रस्त रास्तों एवं पुलों को तत्परता से दुरुस्त किया जा रहा है।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक हर्षवर्धनी सुमन, जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे सहित संबंधित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जखन्याली गांव में भी पहुंचे धामी, पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद टिहरी के आपदाग्रस्त क्षेत्र जखन्याली का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्र में मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उनका ढ़ाढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति एवं और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में शासन-प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है। सरकार द्वारा प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी लोग इस समय एक दूसरे का सहयोगी बनकर कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में आपदा से जनहानि, पशुहानि एवं अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। आपदा के समय लोगों की सुरक्षा राज्य सरकार पहली प्राथमिकता है। उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी को आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत पहुंचाने तथा राहत कैंपों में सभी आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। आपदा क्षति का आंकलन कर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य करने के भी निर्देश दिये हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में जन जीवन सामान्य बनाने के लिए सड़क कनेक्टिविटी, विद्युत और पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी टिहरी मयूर दीक्षित ने जानकारी दी कि कल देर रात्रि जनपद टिहरी के घनसाली ब्लॉक के जखन्याली के पास बादल फटने से होटल बहने की सूचना प्राप्त हुई। घटना की सूचना प्राप्त होते ही राजस्व टीम, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत आदि विभागों की टीम जेसीबी, एंबुलेंस सहित मौके के लिए रवाना हुए। विद्युत विभाग द्वारा तत्काल शट डाउन किया गया। खोज बचाव एवं राहत टीम ने खोज बचाव शुरू किया। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मृत्यु हुई है। दो लोगों के शव रात्रि में बरामद कर लिये गये थे। एक घायल व्यक्ति ने अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आई आपदा में मुयालगांव में घनसाली -चिरबिटिया मोटरमार्ग को जोड़ने वाली पुलिया बहने, एक घोड़ा बहने की घटना एवं अन्य परिसंपत्तियों को काफी नुकसान हुआ है।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी मौजूद थे।

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