उत्तराखंड

बिना नक्शा मंजूरी निर्माणों पर सीलिंग और अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

एमडीडीए ने की देहरादून–ऋषिकेश में सीलिंग और ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई 

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई निरंतर जारी है। प्राधिकरण द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में एमडीडीए की टीम द्वारा देहरादून एवं ऋषिकेश क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर चिन्हित अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान संबंधित निर्माणों को सील करने के साथ-साथ जहां आवश्यक हुआ, वहां ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई गई।

ऋषिकेश क्षेत्र में निर्मल बाग बी-ब्लॉक मार्ग, लेन नंबर–10 के समीप किए जा रहे अवैध निर्माण पर प्राधिकरण की टीम द्वारा सीलिंग की कार्रवाई की गई। निर्माण कार्य बिना आवश्यक अनुमति के किए जाने पर यह कार्रवाई की गई।

तुलसी देवी द्वारा ओल्ड पोस्ट ऑफिस, बनखंडी क्षेत्र, ऋषिकेश में किए जा रहे अवैध निर्माण को भी नियमों के उल्लंघन के चलते सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त ऋषिकेश क्षेत्र में सुनील सोनी द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिले भवन पर एमडीडीए द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। यह भवन बिना स्वीकृत मानचित्र एवं नियमानुसार अनुमति के निर्माणाधीन था। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, पूनम सकलानी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित रूप से संपन्न कराई जा सके।

देहरादून क्षेत्र में भी अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए फुरकान अन्य आदि द्वारा आसन विहार, हरभजवाला क्षेत्र में लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के क्रम में की गई। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल एवं सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे। एमडीडीए द्वारा दोहराया गया कि अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी नियोजन को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न करती है। प्राधिकरण आम जनता से अपील करता है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने या निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व संबंधित प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति एवं मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों एवं प्लॉटिंग के विरुद्ध ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध एमडीडीए की कार्रवाई पूरी सख़्ती के साथ लगातार जारी है। बिना स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध प्लॉटिंग शहरी नियोजन, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं के लिए गंभीर खतरा है। – बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, MDDA

अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई नियमानुसार और चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। प्राधिकरण की टीमें लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तत्काल सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। आमजन के हितों की रक्षा एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।- मोहन सिंह बर्निया, सचिव, MDDA

 

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