राजनीति

अंकिता हत्याकांडः गोदियाल ने धामी सरकार पर उठाए गंभीर सवाल, कहा- मुख्यमंत्री ने पहले दिन से जांच को भटकाने का किया काम

कहा- CBI जांच की संस्तुति के लिए भेजे गए प्रतिवेदन में टर्म्स ऑफ रिफरेंस सार्वजनिक करे सरकार

  • 11 जनवरी को विभिन्न संगठनों बंद के आह्वान का किया समर्थन

देहरादून। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने पर धामी सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने पहले दिन से जांच को भटकाने का काम कर उत्तराखंड की मातृशक्ति और उत्तराखंड की अस्मिता पर प्रश्न लगाकर अपमानित करने के लिए धामी जी को हमेशा जाना जाएगा।

गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी सीबीआई जांच की संस्तुति के लिए भेजे गए प्रतिवेदन में टर्म्स ऑफ रिफरेंस सार्वजनिक करें और यह साफ करें कि क्या यह जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में किए जाने की सिफारिश की गई है। टर्म्स ऑफ रिफरेंस या विचारार्थ विषय से यह स्पष्ट हो जाता है कि जांच किन बिंदुओं पर किया जाना है परंतु सरकार उन बिंदुओं को सीमित करके संभावित वीआईपी के होने या ना होने पर केंद्रित करके जांच को भटका रही है। इसमें कतई कोई संशय नहीं है कि वीआईपी है तथा जांच में वीआईपी को पता लगाने की बात होनी चाहिए।

गोदियाल ने कहा कि टर्म्स ऑफ रेफरेंस या जांच के दायरे में सरकार को इन बिंदुओं को सम्मिलित करना चाहिए

1. जिस दौरान अंकिता भंडारी वनांतरा रिजॉर्ट में कार्य कर रही थी और जब तक उसकी हत्या हुई, उसके फोन पर जिन लोगों के फोन आए, सीबीआई जांच उसे रिकॉर्ड में लाए और तत्पश्चात वे सार्वजनिक हों।
2. अंकिता भंडारी और उसके मित्र पुष्पदीप के व्हाट्सएप चैट की प्रमाणिकता कर बताए कि वे चैट क्या अंकिता की ही थी।
3. जो अपराधी साबित हो चुके हैं उनकी व्हाट्सएप और कॉल डिटेल सीबीआई द्वारा शामिल किया जाए।
4. यमकेश्वर की विधायक रेणु बिष्ट द्वारा अंकिता के शव की बरामदगी के बाद मुख्यमंत्री आवास से मुख्यमंत्री के अलावा जिन दो लोगों से उनकी वार्ता हुई वे लोग कौन थे और मुख्यमंत्री ने उनसे क्या-क्या बात की?
5. रेनू बिष्ट के गवाही एसआईटी के समक्ष हुई परंतु उनकी गवाही कोर्ट में क्यों नही हुई?
6. घटनास्थल की सुरक्षा एसआईटी की जिम्मेदारी थी परंतु घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने की कार्यवाही किसके आदेशों पर हुई और पुलिस द्वारा इसको क्यों नहीं रोका गया?

गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश की जनता, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दल ने यह ठाना है कि तटस्थ और ईमानदार जांच के लिए 11 जनवरी 2026 को बंद का आह्वान किया है, जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर तरीके से समर्थन करती है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि सरकार उनके ऊपर जितने भी मुकदमे करना चाहे, वे कर ले परंतु आमजन, युटयुबर्स, सामाजिक संगठन, राजनीतिक दलों से संबंधित लोगों को प्रताड़ित करना बंद करें और तुरंत किए गए समस्त केस वापस ले। सभी विसलब्लोअर्स जो सरकार पर सवाल उठा रहे हैं उनकी लड़ाई को कांग्रेस पार्टी लड़ेगी।

गणेश गोदयाल ने कहा कि हल्द्वानी की ज्योति अधिकारी द्वारा वीआईपी के संदर्भ में सांकेतिक रूप में दराती उठाई गई और सरकार ने उसे पर आपराधिक मामला दर्ज कर जेल में डाल दिया जो नामंजूर है। ऐसे करतूत से सरकार बाज आए वरना कांग्रेस पार्टी लोगों की प्रताड़ना पर आंदोलन करेगी।

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने उर्मिला सनावर से एसआईटी की पूछताछ के दौरान एक भाजपा महिला कार्यकर्ता की मौजूदगी पर सवाल उठाए। ज्योति अधिकारी के लिए जो संभावित प्रयास किए जा सकते है उस पर महिला कांग्रेस कार्य कर रही है।

राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के ऊपर जो भी मुकदमे करें वह उन्हें डटकर लड़ेंगे।

प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी, प्रवक्ता सुजाता पॉल, राजीव महर्षि, गिरीश हिन्दवान, मौजूद रहे।

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