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उत्तराखंड में आज से बिजली महंगी, अब हर महीने चुकाना होगा इतना अधिक बिल

देहरादून। उत्तराखंड में आज से बिजली महंगी हो गई है। बिजली की दरों में 2.68 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार 0.86 प्रतिशत कम बढ़ोत्तरी की गई है।
उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष डीपी गैरोला ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बिजली की नई दरों की जानकारी दी।

घरेलू श्रेणी में बिजली की नई दरें (रुपये में)
खपत                   पुरानी दर      नई दर

100 यूनिट तक        2.80           2.90
101 से 200 यूनिट    4.00           4.20
201 से 400 यूनिट    5.50           5.80
400 से अधिक यूनिट  5.15           5.40

वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु रिटेल टैरिफ के मुख्य बिन्दुः
समस्त बिजली कम्पनियों द्वारा प्रस्तावित संकलित वृद्धि लगभग 10.18% एवं यूपीसीएल द्वारा टैरिफ में प्रस्तावित वृद्धि लगभग 6.0% के सापेक्ष आयोग द्वारा टैरिफ में वृद्धि को प्रतिबन्धित कर मात्र लगभग 2.68% की वृद्धि की गयी।
आयोग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं हेतु टैरिफ को पुनर्निधारित करते समय यह प्रयास किया गया कि सभी श्रेणियों में क्रास-सब्सिडी को कम किया जा सके।
बीपीएल उपभोक्ताओं (लगभग 4 लाख उपभोक्ता, कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 20%) एवं स्नोबाउण्ड उपभोक्ताओं के टैरिफ में मात्र 4 पैसा/kWh की वृद्धि की गयी।

घरेलू  श्रेणी के 100 यूनिट/माह तक उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं हेतु स्थिर प्रभार में वृद्धि नहीं की गयी है तथा टैरिफ में मात्र 10 पैसा/यूनिट की वृद्धि की गयी है। कुल लगभग 11.43 लाख उपभोक्ता (कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 45%)
घरेलू श्रेणी हेतु स्थिर प्रभार में रुपए/कनेक्शन/माह के स्थान पर निम्नवत रुपए/kWh/माह में परिवर्तित की गयी हैः
1 kWh तक – रू0 60kWh/माह
1kWh से ऊपर तथा 4 kWhतक – रू0 70/kWh/माह
4 kWh से ऊपर – रू0 80/kWh/माह
आयोग ने  क्राॅस सब्सिडी को धीरे-धीरे कम करने के उद्देश्य से पीटीडब्ल्यू श्रेणी के लिए विद्युत के मूल्य रू0 2.08/kWh से वृद्धि कर रू0 2.15/kWh किया गया है। टैरिफ पाॅलिसी में दिये गये प्रावधान के अन्तर्गत सभी श्रेणियों का टैरिफ औसत मूल्य आपूर्ति के +/- 20% की सीमा के भीतर रखना होता है। पीटीडब्ल्यू का टैरिफ अगर आपूर्ति की औसत लागत का 80% निर्धारित किया जाता है तो वह रू0 4.71/kWh होता है। इस तरह की वृद्धि के परिणामस्वरूप अचानक टैरिफ वृद्धि होगी, इसलिए पीटीडब्ल्यू के लिए टैरिफ में आपूर्ति की औसत लागत से 62.73%कम रखा गया है, जो कि पिछले टैरिफ आदेश में आपूर्ति की औसत लागत 63.2% से कम है।
आयोग द्वारा ‘पीक आवर सरचार्ज’ को 50% से घटाकर 30% अनुमोदित किया गया है।
आयोग द्वारा ‘‘अविरल आपूर्ति सरचार्ज’’ को 5% से घटाकर 2.5% अनुमोदित किया गया है।
आयोग द्वारा 33 KV वोल्टेज लेवल पर आपूर्ति पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए वोल्टेज छूट 2.5% से बढ़ाकर 3.5% अनुमोदित की गयी है।
स्टेक होल्डरों के अनुरोध एवं लोड पैटर्न को दृष्टिगत रखते हुए, शीतकाल के महीनों में समयानुसार टैरिफ (TOD) स्लाॅट को 01 घण्टा परिवर्तित किया गया है तथा सामान्य घण्टा 0900 बजे से स्थान पर 0800 बजे से प्रारम्भ होगा। संशोधित समयानुसार टैरिफ (TOD) स्लाॅट निम्नवत हैः-

माह में प्रतिदिन 18 घण्टे की न्यूनतम औसत आपूर्ति प्राप्त नहीं किये जाने की दशा में एच0टी0 औद्योगिक उपभोक्ताओं का डिमान्ड चार्जेज उस माह में अनुमोदित डिमाण्ड चार्जेज का 80% लगाया जायेगा।
विभागीय उपभोक्ताओं के लिए घरेलू श्रेणी पर लागू टैरिफ के आधार पर समान बिलिंग होगी।
आयोग द्वारा पब्लिक इलैक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन हेतु निर्धारित टैरिफ रू0 5.50/kWh में कोई वृद्धि न कर यथावत् रखा गया है।

आयोग द्वारा एचटी उपभोक्ताओं जिनका संविदाकृत भार 75kw/88kwA  से ऊपर है तथा जो केवल नवीनिकरण ऊर्जा श्रोतों के माध्यम से विद्युत खपत चाहते है उनके लिए हरित टैरिफ न्यूनतम् प्रीमियम रू0 0.45/kWh स्वीकृत टैरिफ से ऊपर अनुमोदित किया गया है।
ऽ NEFT/RTGS/IMPS जैसे बैंक ट्रांसफर सहित डिजीटल माध्यमों से किये गये आॅनलाईन भुगतान में छूट की दर 0.75% से बढ़ाकर 1.25% की गयी है।
उपभोक्ताओं की श्रेणियों में टैरिफ की सामान्य वृद्धि उपरान्त औसत बिलिंग दर में वृद्धि निम्नवत हैः

घरेलू श्रेणी के लिये औसत टैरिफ वृ़िद्ध लगभग 3.32% है तथा क्राॅस-सब्सिडी के स्तर -19.81% है, जो कि नेशनल टैरिफ पाॅलिसी में प्रदान की गई सीमा +/-20% के भीतर है।
टैरिफ नीति में निर्दिष्ट सब्सिडी वाली श्रेणियों सहित सभी श्रेणियों के लिए आपूर्ति की औसत लागत का +20% का मापदण्ड उपभोग के मिश्रण पर निर्भर करता है। उत्तराखण्ड राज्य में, कुल खपत का लगभग दो तिहाई हिस्सा सब्सिडी देने वाली श्रेणियों का है, जबकि सब्सिडी वाली श्रेणियों द्वारा खपत, कुल खपत का लगभग एक तिहाई है। फलस्वरूप सभी सब्सिडी देने वाली श्रेणियों की क्राॅस सब्सिडी याचिकाकर्ता की आपूर्ति की कुल औसत लागत के 20% के भीतर है, जबकि पीटीडब्ल्यू श्रेणी के लिए सब्सिडी आपूर्ति की कुल औसत लागत के 20% से अधिक है।
विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए दिनांक 01.04.2022 से अनुमोदित फुटकर टैरिफ दरों का विवरण निम्नवत हैः-

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